Tana
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« Reply #100 on: October 12, 2009, 08:17:23 AM » |
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ॐ सांई राम!!!
सच है क्या और झूठ है क्या, ये मैं कुछ भी नहीं जानती, मेरे कर्म है क्या , और अकर्म है क्या, मैं कुछ भी नहीं पहचानती, पाप है क्या और पुन्य है क्या, मैं ये भी नहीं जानती, जो दिल कहता वो मैं करती, बस दिल का कहाँ मैं मानती, कल क्या होगा किसने दिखा, जो बीत गया वो बिसरा लेखा, आज है जो वही सच है बस, इसी को सच मैं मानती, तूने सच दिखलाया मुझको, मैं कुछ नहीं थी जानती, यही कारण है ओ मेरे सांई- जो तुझे ही अपना सर्वाधार मैं मानती~~~

जय सांई राम!!!
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Tana
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« Reply #101 on: October 15, 2009, 01:05:33 PM » |
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Om Sai Ram!!!
ये कौन चमत्कार है ?? Who is this Creator ?
ये कौन चमत्कार है , ये कौन चमत्कार ?? जिसने बनाये है पहाङ और बनायी है चोटियां, उसके बनाये चित्र कल्पना के पार है, ये कौन चमत्कार है , ये कौन चमत्कार ??
Who is this Creator, who is this anyway? Who has created Hills & Peaks? He has made this world beyond imagination & expectation, Who is this Creator, who is this? यहां बाग है हरे भरे-वसुंधरा के साथ सटे, उसने बनाये फूल कांटों के साथ खङे है, ये कौन चमत्कार है , ये कौन चमत्कार ??
Here the gardens are green & full of beauty & flowers, He has created Flowers along with thorns, Who is this Creator, who is this?
यहां पेङ है बङे-बङे,सत्म्भ से खङे-खङे, कि आसमान पर सितारों चाँद का श्रंगार है, समुन्दर है भरे पढे बादलों की छावं से, कि जिसमें झलकता आकाश बार-बार है, ये कौन चमत्कार है , ये कौन चमत्कार ??
He created v big & tall trees which are standing like pillars, That the Sky decorated with Stars & Moon, Seas are filled with pure water & are covered with the shadows of the Clouds, & the Sky is looking from with in the Clouds, Who is this Creator, who is this?
Jai Sai Ram!!!
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« Reply #102 on: October 18, 2009, 05:57:45 AM » |
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Om Sai Ram!!!
BABA & Me~~~
बाबा तुम हवा मैं सांस, बाबा , मैं निआसरा ,तुम मेरी आस, बाबा तुम रास्ता मैं राही, बाबा तुम पानी , मैं प्यास, बाबा तुम रोटी , मैं भूख, बाबा तुम फूल मैं कान्टा, बाबा तुम सुख के हो सागर, और मैं दुःख, बाबा तुम निर्मल , कोमल, सुंदर, सुशील, मैं मैली,कुरूप,गंदी, बाबा तुम ज्ञान का हो सागर, मैं खाली हूँ गागर, बाबा, मैं बाङ तुम लहर, बाबा,मैं काला बादल तूं बारिश, बाबा, तुम पूर्णिमा, मैं अमाव्सया, बाबा, मैं रात काली, तुम सहर, बाबा तुम शाम ठंडी, मैं तपती दोपहर, बाबा, मैं पतझङ ,तुम सावन, तुम शीतल चँद,मैं तपता सूरज, बाबा तुम राम, मैं रावण, बाबा, मैं लोहे जैसी सख्त,तुम सोने से नरम, बाबा तुम झरना हो शीतल से, और मैं आग जैसी गरम, बाबा तुम हीरा, तुम मोती, मैं रोङा, मैं पत्थर, बाबा तुम डाली हो नरम सी, मैं तना बङा सख्त, मैं खाली हूँ गागर, बाबा, मैं बाङ तुम लहर, बाबा मैं पतझङ , तुम हो सावन, बाबा तुम राम, मैं रावण~~~
 BABA You are air & me breathing, BABA, I am helpless & you are the help, BABA You are way & me a visitor , BABA You are water & me a thirst, BABA You are diet & me hunger, BABA You are flower & me a thorn, BABA You are the ocean of joy, & me a misery, BABA You are pure, soft , beautiful & sensible, & me impure , ugly & dirty, BABA You are the knowledge of truth, & me an empty pot, BABA, me a flood & You are wave, BABA, I am black cloud & You are rain) BABA You are full bright moon & me smallest dark moon, BABA ,I am dark night & You are bright morning, BABA You are cool evening & me a hot noon, BABA , me bad weather & You are Spring, BABA You are cool moon & me burning sun, BABA You are good soul & me a bad one, BABA, I am a hard steel & You are soft pure gold, BABA You are pure water fall & me burning fire, BAAB You are a diamond, a jewel & me a stone, a rock, BABA You are a soft branch & me very hard, BABA , me an empty pot, BABA me flood & You are a wave, BABA ,I am a bad weather & You are Spring season, BABA You are good soul & me a bad one~~
जय सांई राम!!!
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« Reply #103 on: October 23, 2009, 09:55:29 AM » |
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ॐ सांई राम!!!
तम्मना यही है कि तम्मना पूरी ना हो जो पूरी हो वो तम्मना नहीं, इन आँखों में रहे प्यास सदा तेरे दीदार की ये प्यास कभी पूरी ना हो, दिल तङपे सदा तेरे लिए पर तुझे मिलने की तङप कभी पूरी ना हो, हर पल तरसूं तुझे पाने को पर ये तुझे पाने की आस कभी पूरी ना हो, यदि यूं ही हो मेरे साथ , हर पल करूं तुझे याद तो फिर तेरे मेरे बीच में कोई दूरी ना हो, इस जीवन की सार्थकता फिर अधूरी ना हो !~!
जय सांई राम!!!
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Tana
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« Reply #104 on: October 28, 2009, 09:11:42 AM » |
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ॐ साईं राम !!!
मांगी हुई खुशियों से , किसका भला होता है, किस्मत में जो लिखा होता है, उतना ही अदा होता है, न डर रे मन दुनिया से, यहाँ किसी के चाहने से नहीं किसी का बुरा होता है, मिलता है वही, जो हमने बोया होता है, कर पुकारा उस दाता के आगे, क्योंकि सब कुछ उसी के बस में होता है!!! 
जय साईं राम !!!
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« Reply #105 on: November 04, 2009, 06:16:04 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
काश, इक ऐसा रिश्ता हो,जिसका कोई नाम न हो, भले ही वो पास न हो,पर धङकन तक पहचानता हो, मेरी आँखों में जो आए आँसू,उसका वहां पर दिल घबराए, जो मैं कभी हो जाऊं उदास,तो उससे भी रहा न जाए, जब मैं करूं उसको जो याद,उसको भी फिर चैन न आए, जब भी मैं उसको पुकारूं,झट से वो मेरे सामने आए, मैं उससे कुछ भी न कहूँ,बिना कहे वो सब जान जाए, मैं उससे कुछ भी न छुपाऊं,वो भी मुझसे कुछ भी न छुपाएं, यदि ऐसा प्यारा रिश्ता हो जाए,इसके बाद फिर क्या रह जाए, ख्वाइश शांति से जीवन गुजारने की,उसी पल पूरी हो जाए!!!
काश, मेरा और बाबा का रिश्ता कुछ ..................... 
जय सांई राम!!!
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« Last Edit: November 04, 2009, 06:32:42 PM by Tana »
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saiarchana
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I am a devoted wife and proud mother of two sons
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« Reply #106 on: November 04, 2009, 07:18:01 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
हे मेरे सांई मेरे सर्वाधार मेरा जीवन मेरा प्यार, सब कुछ मेरा तुम हो सांई मैं हूँ बेटी तेरी सांई, हर पल तुझे बुलाती हूँ दिल का हाल सुनाती हूँ, सुखी रहूं या दुखी रहूं कोई फर्क नहीं पङता है, क्योंकि तूं ही मेरी ढ़ाल है तूं ही मेरी निडरता है, डरूँ किसी से कभी न मैं क्योंकि सांई मेरे साथ हैं, तूं ही मेरा सब कुछ हैं तूं मेरा आधार है!!!
जय सांई राम!!!
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Sai ki kripa se sab kaam ho raha............Sai jab sang hai to sab kaam ho raha hai............Om sai Ram
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Tana
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« Reply #107 on: November 11, 2009, 06:48:44 PM » |
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ॐ साईं राम!!!
मुझको राह दिखाने वाली ओ प्यारी ठोकरों, मुझे साईं से मिलाने वाली ओ प्यारी ठोकरों, सोई को जगाने वाली ओ प्यारी ठोकरों, असलियत बताने वाली ओ प्यारी ठोकरों, दुनिया का रूप दिखाने वाली ओ प्यारी ठोकरों, मुझे पक्का करने वाली ओ प्यारी ठोकरों, धन्यवाद तुम्हारा है ओ प्यारी ठोकरों, तुम न होती तो मैं कैसे पाती ये राह, मुझ अंधी की कौन पकड़ता बाँह, सब से दूर कर के तुमने, मुझे मेरे साईं के पास किया, ओ प्यारी ठोकरों तुम्हारा~ हर पल शुक्रियां~~~~~
जय साईं राम!!!
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« Last Edit: November 23, 2009, 10:29:23 AM by Tana »
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« Reply #108 on: November 14, 2009, 02:38:37 PM » |
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ॐ साईं राम!!!
मैं सब दा हो के देख लया, इक तेरा होना बाकी है, मैं होर ते सब कुछ वार चुकी, इक अपना खोना बाकी है, मेरा मन कोमल ,मंजिल मुश्किल, मैं राह विच ढेरियाँ ला बैठी , अजे प्रेम वाला पैड़ा नईयों ख़त्म होया, मंजिल नूं छूना बाकी है, तेरी याद विच रो रो के मेरे साईं, पानी सुक गया अंखियाँ दा, हूँ खून जिगर दा अंखियाँ विचो, रो रो के चौना बाकी ऍ.............
जय साईं राम!!!
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« Reply #109 on: December 14, 2009, 04:44:03 PM » |
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ॐ साईं राम!!!
दीन बंधू कृपा सिन्धु , दया बिंदु दो प्रभु , उस कृपा की बिंदु से , फिर बुद्धि ऐसी दो प्रभु , जिस तरफ देखूं उधर ही , दर्श हो श्री साईं का , आँख भी मुन्दु तो दीखे , मुख कमल श्री साईं का , आप से मैं आ मिलूं , बाबा मुझे यह वरदान दो , मिलती तरंग समुद्र में , ऐसे मुझे भी स्थान दो , दीन बंधू कृपा सिन्धु , दया बिंदु दो प्रभु ~~~
जय साईं राम!!!
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« Reply #110 on: December 17, 2009, 11:41:13 AM » |
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ॐ सांई राम!!!
शुक्रियां,इनायत,कर्म,मेहरबानी, दी मुझे जो नई ज़िन्दगानी, मैं भी इंसान हूँ ये बताया मुझको, मुझमें भी भगवान है ये समझाया मुझको!!
मुझमें दिल धङकता है मुझे भूल सा गया था, क्योंकि एक भारी बोझ तले दबा था, मुझमें भी प्यार भरा है एहसास करवाया मुझको, जीने का नया रास्ता दिखाया मुझको!!
परमेश्वर कैसा है नहीं जानती हूँ मैं, पर सांई, जरूर तेरे जैसा होगा ये मानती हूँ मैं!!!
जय सांई राम!!!
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« Reply #111 on: December 28, 2009, 12:16:18 PM » |
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ॐ साईं राम!!!
मेरा साईं है हम सब का सहारा, साईं का यह एहसास बङा ही प्यारा!!!
जब से साथ मिला साईं का~~~ 
गीत न भावे,कोई राग न भावे मोहे, केवल साईं को सुनने की चाह~~ आँखे न मेरी चाहे कोई रंगीनियाँ देखना, सिर्फ साईं को देखने की चाह~~ किसी के संग चलना ना चाहू मैं, सिर्फ साईं के संग अब चलने की चाह~~ किसी से बात करना न चाहू मैं, सिर्फ साईं संग बात करने की चाह~~ किसी संग हंसना न रोना चाहू मैं, सिर्फ साईं संग हंसने-रोने की चाह~~
बस, अब कुछ और नहीं चाह, बस, अब तो सिर्फ साईं संग हाथ पकङ कर चलने की चाह~~ साईं को खुद में समां लेने की चाह~~ साईं की भक्ति में डूब जाने की चाह~~~
साईं~~~~~ 
जय साईं राम!!!
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« Reply #112 on: January 02, 2010, 05:54:03 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
तम्मना, इच्छा, चाह, आरज़ू, ख्वाईश या जुस्तजू, न जाने कितने नाम धराए तू, क्या तेरा कोई अंत नहीं,जितने नाम उससे भी बङी तू, क्या कभी पूरी होती तू, तेरा एक कहां पूरा हो,दूसरी तैयार करती तूं, पहले से आखिर सांस तक,हर पल साथ है रहती तूं, कोई न जीत पाया तुझे,तेरे आगे सब झुके, इंसा तो क्या भगवान के बस में भी नहीं तूं!!!
साईं इस नादान मन का आप ही कुछ कीजिए बंद हो ये सिलसिला कोई ऐसा ही वर दीजिए!!!
जय सांई राम!!!
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rajatsai
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« Reply #113 on: January 07, 2010, 01:15:33 PM » |
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Mujhe to iske siva kuch nahin aata..... sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai sai
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Sai Ki sharan main milega pura sansar.......Jai Sai Ram
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Tana
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« Reply #114 on: January 08, 2010, 04:03:25 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
बढता जाता है कुछ अजीब सा एहसास, नहीं कोई भी मेरे साथ, बस एक तेरी दिल को आस, मेरे सांई मेरे बाबा~~कहां हो तुम~~
छुटता जाता है कुछ रिश्तों का साथ, नहीं बढ़ाता कोई अपना हाथ, बस एक तेरी ही नज़र की प्यास, मेरे सांई मेरे बाबा~~कहां हो तुम~~
दिखाई देती है हर खुशी भी उदास, रूकी-रूकी सी आती है हर सांस~ बस एक तेरी ही है तलाश, मेरे सांई मेरे बाबा~~कहां हो तुम~~
जय सांई राम!!!
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rajatsai
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« Reply #116 on: January 12, 2010, 03:04:41 PM » |
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OM SAI SRI SAI JAYA JAYA SAI OM SAI SRI SAI JAYA JAYA SAI OM SAI SRI SAI JAYA JAYA SAI OM SAI SRI SAI JAYA JAYA SAI OM SAI SRI SAI JAYA JAYA SAI OM SAI SRI SAI JAYA JAYA SAI OM SAI SRI SAI JAYA JAYA SAI
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Sai Ki sharan main milega pura sansar.......Jai Sai Ram
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« Reply #117 on: January 21, 2010, 06:40:27 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
हम हंसते बाबा के नाम संग~ हम रोते बाबा के नाम संग~ हम जागते बाबा के नाम संग~ हम सोते बाबा के नाम संग~
सुख बांटते बाबा के नाम संग~ दुःख बांटते बाबा के नाम संग~ हर पल बाबा के नाम संग~ हर क्षण बाबा के नाम संग~
हर लब की मुस्कुराहट बाबा के नाम संग~ हर आँख के आँसू सूखे बाबा के नाम संग~
आशा की पहली किरण बाबा के नाम संग~ आखरी उम्मीद बाबा के नाम संग~ तन मन की चाह बाबा के नाम संग~ हर जीवन का आधार बाबा के नाम संग~
इस आँगन में हर पल रहते बाबा के नाम संग~ सब की मनोकामना पूरी होती बाबा के नाम संग~ सब मिल एक दूसरे के लिए प्रार्थना करते बाबा के नाम संग~ सब की मुरादे पूरी होती बाबा के नाम संग~
जय सांई राम!!!
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« Reply #118 on: January 24, 2010, 02:56:11 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
सांई दर आप का बरकतों का भण्डार है, तुझे तो सांई सभी से प्यार है, तेरी बेटी प्यासी है तेरे इस प्यार की, तेरे दुलार की,तेरे दीदार की, इस दर से कोई गया न निराश है, मेरे दिल में भी इक आस है, कैसी भी हूँ सांई मुझे अपनाओंगे तुम, मुझे हिए से लगाओगे तुम, ये दिल में आज ठाना है मैने, तुझे देखे बिना नहीं जाना है मैने, झोली भर के ही जाऊंगी मैं, जिद्द ये मेरी है तुम्हे आना पङेगा, मुझे हिए से लगाना पङेगा, पापी हूँ,पतित हूँ ,कुटिल हूँ चाहे, पर बेटी हूँ तेरी ये मानना पङेगा, पुकार ये आज तुझे सुननी पङेगी, नहीं तो बेटी तुझसे लङ पङेगी, तूं मान या न मान,तुझे प्यार है मुझसे, मैने जो पुकारा तुझे आना पङेगा, आकर मुझे हिए से लगाना ही पङेगा~~~
जय सांई रामा!!!
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« Reply #119 on: January 30, 2010, 07:24:35 PM » |
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ॐ साईं राम!!!
साईं ???
ये समझाया और समझा जा नहीं सकता है~ पर इतनी बात तो पक्की है कि मेरा साईं मंदिर , मस्जिद , गुरूद्वारे , चर्च में नहीं है ~ मेरा साईं मूर्ति , पत्थर या कागज़ में नहीं है ~ मेरा साईं भगवा कपड़ों में नहीं है ~ मेरा साईं खुल्ली धोती या कोई बोदी में भी नहीं है ~ मेरा साईं नदियों , गुफाओं या पहाड़ों में भी नहीं है ~
फिर कहाँ है मेरा साईं, मेरा बाबा ???
चलो मैं ही बताती हूँ...
मेरा साईं हर किसी के अन्दर है ~ मेरे साईं एक विशवास है~ एक नियम है ~ एक एहसास है ~ एक सच है~~ जिस मन में साईं है ...वो मन ही मंदिर है ~ किसी में भी साईं जैसे गुणों का होना ही साईं का होना है ~ जैसे सूरज औरों के लिए जलता है~ जैसे जल औरों को जीवन देता है~ जैसे हवा औरों को सकून देती है~ जैसे धरती माँ औरों को सब कुछ देती है~ जैसे पेड़ अपने फल औरों को देते है~ ठीक वैसे ही जो इन्सान सब औरों के लिए करता है~ वो ही साईं जैसा है...बाकी सब तो.........................................................
जय साईं राम!!!
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