Tana
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« Reply #80 on: June 10, 2009, 09:25:26 AM » |
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ॐ सांई राम!!!
मय न दे , मीना न दे , सुरूर न दे , ज़िन्दगी का चाहे शरूर न दे , और कुछ दे या न दे लेकिन , मेरे बाबा ~~~मेरे मौला , मुझे ग़रूर न दे~~~
सांई~~~~बस चाहूँ तेरी रहम नज़र~~~~तुम आ जाओं~~~
जय सांई राम!!!
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« Reply #81 on: June 13, 2009, 11:00:10 AM » |
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ॐ सांई राम!!!
पुन्य हुए है उदय मेरे , मिले आप जो मुझे साथ रहेंगे सदा मेरे , है भरोसा ये मुझे , मेरे अंदर बाहर क्या है जानते है आप सब ... क्या फिर भी साथी मानते है आप अब? मैं योग्य नहीं आप के ये मुझको भी पता है , लेकिन पारस से मिल कर लोहा सोना हुआ है , आप का ये जो प्यार है वो मेरे लिए उपकार है... इस सांई कृपा के लिए ... मेरा रोम रोम शुक्रगुज़ार है !!!
जय सांई राम!!!
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saipreet
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||बाबा मेरे जादूगर-उनके केवल दो ही मंत्र||
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« Reply #82 on: June 18, 2009, 12:32:14 PM » |
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Tana di..MIss u... ^<>^very nice di...
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« Reply #83 on: June 25, 2009, 01:05:40 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
लिख लिख के खत , हम फाङे जाते है, हाले दिल नहीं, कागज़ पर उतार पाते है, जब लिखना शुरू करते है, तो कोई शब्द नहीं मिलता, जब लिखना छोङते है, तो कलम रखते ही, दिल में ढेरों गुबार पाते है, दिल में भरी हर बात को, सांई से ही शुरू और सांई से ही खत्म पाते है~~~
जय सांई राम!!!
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« Reply #84 on: June 26, 2009, 07:37:32 AM » |
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ॐ सांई राम!!!
स्वर्ग की सीड़ी~~~
मेरी और आकर तो देख , ध्यान ना दूँ तो कहना । मेरे मार्ग पर पग बढ़ाकर तो देख , सब मार्ग ना खोलूँ तो कहना । मेरे लिए कुछ बन कर तो देख , तेरा मूल्य न करवाऊँ तो कहना । मेरे लिए कङवे वचन सुन कर तो देख , अपार क्रपा ना करुँ तो कहना । मेरे लिए व्यय कर के तो देख , भलाई के भण्डार ना खोलूँ तो कहना । मेरी स्रष्टि में मनन कर के तो देख, ञान के मोती न भरूँ तो कहना । मेरे लिए आँसू बहा कर के तो देख , तेरे अन्दर प्यार का सागर न भरूँ तो कहना । मेरे मार्ग पर निकल कर तो देख , तेरा मार्ग शांति वाला न बनाऊँ तो कहना । मेरे नाम की महिमा करके तो देख , अटूट कृपा न करूँ तो कहना । तू स्वयं को न्यौछावर करके तो देख , तेरा नाम यादगार न बनाऊँ तो कहना । तू मेरा बन कर तो देख , हर एक को तेरा न बनाऊँ तो कहना~~~
~~~प्रीत लगी तोहे नाम की , मोहे मिलो तो सांई~~~
जय सांई राम!!!
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« Reply #85 on: June 30, 2009, 09:19:19 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
हे सांई क्या कभी ऐसा होगा ?? सिर्फ़ आप हो और मैं होऊं... आप सामने हो मैं कुछ ना कहूं... बस जी भर कर दर्शन करूं... कुछ कहूं ना और सब कह जाऊं... सारी बातें दिल की मैं आंसूओं मैं कह जाऊं... मन का हाल सुना डालूं , कुछ भी ना छुपाऊं... कोई ना रोके मुझको , मैं जी भर कर आंसू बहाऊं...
देख कर इन आंसूओं को , जब आप मुझे समझाएं , आप की उस प्यार के अमृत में , मैं जी भर डुबकी लगाऊं... जो ऐसा हो तो उस पल पर , मैं अपना सब कुछ वार जाऊं...
पर वारूं भी क्या , सब कुछ तो है उधार ... ये तन उधार , ये मन उधार... यदि है कुछ मेरा अपना , तेरे लिए बस मेरा प्यार....मेरा प्यार....मेरा प्यार....
जय सांई राम!!!
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« Reply #86 on: July 02, 2009, 02:06:48 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
कैसे सुकून पाऊं तुम्हे देखने के बाद, अब क्या हाल सुनाऊं तुम्हे देखने के बाद, चारों तरफ ही मेरे सांई है, किस तरफ सिर झुकाऊं तुम्हे देखने के बाद, अब जो ये सिर झुका है तेरे चरणों में, कैसे सिर उठाऊं तुम्हे देखने के बाद, आँखों में भरी है मस्ती तेरे प्यार की, अब किससे नज़रे मिलाऊं तुझे देखने के बाद.....
जय सांई राम!!!
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« Reply #87 on: July 14, 2009, 05:39:01 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
मेरे सांई सर्वाधार , मेरे जीवन के तुम सार, दो अक्षर का नाम तुम्हारा ,सब से सुन्दर सब से प्यार, कहने को तो दो अक्षर है "सांई " पर सारी स्रष्टी का सार समाया है , हर पल जो भी हो रहा सभी श्रा सांई की माया है!
सुख दुख दोनों इनके बस में, इनका अन्त कही नहीं पाया है! मुझे भी अपनाओं सांई जी , मुझे भी दासी बनाओं सांई जी , इक बार इक झलक दिखाओं सांई जी , दासी को पार लगाओं सांई जी!!!
जय सांई राम!!!
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« Reply #88 on: July 14, 2009, 05:41:14 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
सांई दर तेरा बरकतों का भंण्डार है, तुझे सभी से प्यार है, मैं भी प्यासी हूँ इस प्यार की, तेरे दुलार की तेरे दीदार की, इस दर से कोई गया ना निराश है, मेरे दिल में भी एक यही आस है, कैसी भी हूँ मैं मुझे अपनाओं गे तुम, मुझे हिए से लगाओं गे तुम, ये दिल में आज ठाना है मैने, तुझे देखे बिना नहीं जाना है मैने, झोली भर के ही जाऊं गी मैं, नहीं तो यही मर जाऊंगी मैं, ज़िद ये मेरी है तुझे आना पङेगा मुझे हिए से लगाना पङेगा, पापी हूँ ,पतित हूँ , कोटिल हूँ चाहे, पर बेटी हूँ तेरी ये मानना पङेगा, पुकार ये आज तुझे सुननी पङेगी, नहीं तो बेटी तुझसे लङ पङेगी, तु मान ना मान मुझे प्यार है तुझसे, मैने जो पुकारा तुझे आना पङेगा, जो तुम ना आए तो मेरा सब तो कुछ ही जाए गा,
पर मेरे सांई...... ममता मयी जो नाम धराया है तुमने, वो नाम बिगङ जाए गा...
बाबा~~~~~
जय सांई राम!!!
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« Reply #89 on: July 20, 2009, 06:40:58 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
रब्बा मेरे हाल दा मेहरम तू रहीओ , अन्दर तू है बाहर तू है , रोम रोम विच तू , तू है ताना , तू है बाना , सब कुछ मेरा तू... कहे हुसैन फ़कीर निमाणा ... मैं नही सब तू...
मेरे बाबा मेरे सांई मेरे मालिक मेरे मौला....
{मेहरम} Mehram means those people who are very near to you with...
जय सांई राम!!!
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« Reply #90 on: July 20, 2009, 06:45:02 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
अनदेखे प्रियतम प्यारे सांई , हे अविनाशी हे सुखधाम, तूने कृपा बरसाई है , जो अब मेरी बारी आई है । सुख पा लिया, दुख झेल लिया, संसारिक खेल भी खेल लिया, अब मिला सहारा सांई तेरा, मेरे परमकृपालु बाबा का, अब इस अमृत का मैं पान करूं, इस गंगा में मैं स्नान करूं, अब और नहीं कुछ चाहूं मैं, बस इन चरणों में खो जाऊं मैं~~~
जय सांई राम!!!
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« Reply #91 on: July 31, 2009, 02:08:38 PM » |
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बहुत बढ़िया । वाह क्या बात है ताना । बाबा ने बङी कृपा बरसाई है तुम पर, सच कहूँ तो आँगन में आकर मज़ा आ गया ,ऐसा लगता है जैसे यह सब बातें बाबा से मैं भी कहना चाहता था , जो भाव सांईसेविका के है, सुधा के है या तुमहारे या कहूँ तुम सब के । अभी तो बहुत कुछ है पढ़ने के लिए बाकी । ,
जय श्री सांई राम 
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सब का मालिक एक--सांईराम
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« Reply #92 on: August 25, 2009, 08:40:54 AM » |
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ॐ सांई राम!!!
आप पास रहते हो मेरे, या दूर हो मुझसे, पर क्या फर्क पङता है, सांई , आप दिल में मेरे हर दम है, जब से देखा है आप को सांई, आँखों में मेरी सुरूर सा रहता है । कोई भाता नहीं मुझको, यूँ लगता सब झूठा नाता है । तेरी सच्चाई के आगे सांई, बाकी सब झूठ नज़र आता है । आप पास नहीं हो मेरे फिर भी, हर पल क्यों इतना प्यार आता है~
जय सांई राम!!!
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« Reply #93 on: September 09, 2009, 12:06:29 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
इस योग्य मैं नहीं हूँ , जो सांई तुझे बुलाऊं, पर चाहती हूँ इतना, हर पल तुझे ध्याऊँ, तूं मेरा होवे न होवे, मैं तेरी बन जाऊँ~~~
जय सांई राम!!!
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« Reply #94 on: September 19, 2009, 08:03:44 AM » |
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Om Sai Ram!!!
है वो वही मेरे सांई~~~
देने वालों को ही देता है सांई , मंदिर में नहीं , मस्जिद में नहीं, है वो वहा पर जहाँ भी उसे दर्द दिखा, बाबा वही है , है वो वही तेरा सांई~~ BABA gives to those who always give BABA is not supposed to be present in Mandir- Masjid, where there is passion for the needy, BABA is there,BABA is present there~~
देता है दिखाई जो नहीं, बाबा है तेरे मन में वही, बन के इक दर्द तेरे मन में बसा जो, है बाबा वही....है वो तेरा बाबा वही~~ He{BABA} , who is invisible, BABA is present in your heart, He, who is living in u as a passion, He is definitely the BABA~~
बाबा , मूर्ति में नहीं , पत्थर में नहीं, न दिवारो-दर में , न मंदिर-मस्जिद में, इक बहुत बङी सोच,जो सोच से बाहर, बस है इक एहसास,जो आँखों से न दिखाई दे~~ BABA is neither in statue nor in stone Is neither in Temples nor in Madir-Masjid, Is a big thought, beyond imagination, Is a feeling, invisible with the outer eyes~~
जब इक दर्द उतर आता है जो दिल में, आँखों से बरसते है जो झमाझम , इक नमकीन सा बादल जो, बस , है बाबा वही....है वो तेरा बाबा वही~~ A passion born in the heart is visible as tears in the eyes like salty water of clouds He is definitely the BABA~~~
Jai Sai Ram!!!
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« Last Edit: September 19, 2009, 08:06:09 AM by Tana »
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« Reply #95 on: September 22, 2009, 09:01:36 AM » |
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ॐ सांई राम!!!
इतनी सुंदर इतनी शांत, मुस्कान आज जो देखी मैने, सांई आप को क्या कहूं मैं, क्या कुछ पा लिया मैनें, उस एक मुस्कान पर सांई, मैं अपना तन मन वार दूँ, जी तो मेरा चाह रहा था, जी जान सब वार दूँ~ इस अमृतमयी मुस्कान ने सांई, मुझे तो तर बतर कर दिया, इस अमृत गंगा में मैने जी भर कर आज स्नान किया, सारे ताप शांत हुए मेरे, खुद पर ही काबू न रहा, आप की प्यारी मुस्कान ने सांई मुझे तो रुला ही दिया ये आसूँ नहीं प्यार है सांई जिन्हें मन ही मन मैने आप के चरणों पर चढ़ा दिया!!!
जय सांई राम!!!
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« Reply #96 on: October 08, 2009, 09:39:50 AM » |
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ॐ सांई राम!!!
वो आए रूके कुछ पल , झाका और चल दिए, मैं दौङी पीछे पकङा हाथ, और हैरानी से पूछा कहां चल दिए, वो बोले बङे दुखी मन से ... अरे पगली तुने की थी पुकार ति में दौङा चला आया, पर लगा जब अंदर आने, तो देखा मैने कि भीङ है लगी हुई, सभी ने है डेरा जमाया, मैं बैठू कहां ये बता मुझको, क्या है तेरे मन में मेरा ठिकाना, तू जब पुकारें मुझे मैं दौङा चला आता हूँ, पर तू तो ये भी ना जाने कि है मुझे कहां बिठाना, इस भीङ को कुछ कम कर, कर साफ मेरी जगह को, फिर बुला मुझे फिर देख कभी ना होगा वापस जाना, मैं हो गई शर्मिदां इस सच को जान कर, कि मैने की पुकार मेरे बाबा आ भी गए, पर कभी नहीं सोचा कि है उन्हे कहाँ बिठाना!!!!
जय सांई राम!!!
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« Reply #97 on: October 10, 2009, 08:01:53 AM » |
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ॐ साईं राम!!!
लोग कहेगें पागल हूँ मैं तो हो गई हूँ दीवानी, पर मेरे दिल की प्यास किसी ने न जानी, लोग क्या जाने दीदार की तङप, जिसे हो वही जाने ये दर्द, हर किसी में तुझे ढूढ़ती फिरूं, तेरी एक झलक को तरसती फिरूं, साईं,एक कर्म कीजिए,रोज़ का झंझट खत्म कीजिए, मेरे नैनों में बस जाइऐ,या फिर मुझे खाक बना दीजिए, अपने चरणों के नीचे बिछा लीजिए,इस जीने से अलग कीजिए, यह तङप अब सही न जाए,ये दर्द बढता ही जाए, कीजिए दया अब , मेरे साईं मेरे बाबा , मेरे नैनों में बस जाइऐ~~~
जय साईं राम!!!
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rajatsai
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« Reply #98 on: October 10, 2009, 03:45:10 PM » |
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Tanaji..................you have great reverence for baba.......i am sure baba is going to bless you with his darshan soon.................but ek gujarish hai baba ko milkar hum logo ko mat bhool jana jo sai ka aagan main aapke in amritmayi lekho ka sharvan karta hain.
Jai Sai Ram
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Sai Ki sharan main milega pura sansar.......Jai Sai Ram
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साईं.माऊली
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॥ ॐ श्री साईंनाथाय नम: ॥
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« Reply #99 on: October 11, 2009, 05:36:22 PM » |
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 |  | Quote: |  |  | Sent by Tana on October 10, 2009, 08:01:53 AM |  | |  | | ॐ साईं राम!!!
लोग कहेगें पागल हूँ मैं तो हो गई हूँ दीवानी, पर मेरे दिल की प्यास किसी ने न जानी, लोग क्या जाने दीदार की तङप, जिसे हो वही जाने ये दर्द, हर किसी में तुझे ढूढ़ती फिरूं, तेरी एक झलक को तरसती फिरूं, साईं,एक कर्म कीजिए,रोज़ का झंझट खत्म कीजिए, मेरे नैनों में बस जाइऐ,या फिर मुझे खाक बना दीजिए, अपने चरणों के नीचे बिछा लीजिए,इस जीने से अलग कीजिए, यह तङप अब सही न जाए,ये दर्द बढता ही जाए, कीजिए दया अब , मेरे साईं मेरे बाबा , मेरे नैनों में बस जाइऐ~~~
जय साईं राम!!! | |  | |  |
|| Om Shri Sainathaya Namah || Om Sai Shri Sai Jai Jai Sai
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