saipreet
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||बाबा मेरे जादूगर-उनके केवल दो ही मंत्र||
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« Reply #40 on: December 27, 2008, 05:49:00 AM » |
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aa hi gay baba apne bachcho ke liye bhala kaise nahi aate baba bachche bulayae ma daudi kaise na aaye layi wo aapne saat manav vaibhav raj k liye manchaha toffa hue khush sab pa ke
par sabse pyari aur ladli beti tana ke liye kya laaye laaye wo sab kuch jiski wo hai hakdaar jiski wo hai bhagidaar aur diya dher sara pyaar aur ashirwaad mila usko sabse jayada kyonki wo rahi chup chap kuch na boli na maaga khadi rahi sabke baad mein jeet gaye sabse pyari aur laadli beti tana phir se ek baar!
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Saivaibhav
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« Reply #41 on: December 27, 2008, 12:45:00 PM » |
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 |  | Quote: |  |  | Sent by Tana on December 26, 2008, 08:22:00 PM |  | |  | | ॐ सांई राम!!!
सपने तो सपने होते है, फिर भी देखते है हम सोते जागते, फिर मैने भी एक सपना देखा, सपने में कोई अपना देखा, देखा, तो हैरान सी थी मैं, बाबा उतर रहे थे आसमान से, पंखों के आसन पर बैठे बाबा, आँखों में प्यार और हाथ में आशीर्वाद लिए, गुरूवार का दिन था, देखते ही मैं दौड़ने लगी इधर-उधर, कहां जाऊं,कैसे रिझाऊं , कहाँ से लाऊँ फूल, कहाँ से लाऊँ माला, किस-किस को बुलाऊँ? कैसे बुलाऊँ? जी तो करता है , सारे जमाने को जगाऊं , दिखा दूँ अपने बाबा को सिद्ध कर दूँ कि मैं सही हूँ।
देखा...आज आए है मेरे बाबा, मेरे पास, हमारे आँगन में खुद ही उतरे है , कूदने लगे प्रीती, मानव, वैभव, राज ; बाबा के आस-पास, तेज़ल को गुड्डा, आयुश को हाथी, तो किसी को शेर, तो किसी को मिठाई, सब को कुछ ना कुछ मिल रहा था, मैं खङी थी चुपचाप, केवल देख रही थी, मुझे मालुम था, जानती थी, क्योंकि मैं सपने में थी, पर, आज मैने वो पाया जो मैं चाहती थी.....
जय सांई राम!!! | |  | |  |
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Tana
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« Reply #42 on: January 08, 2009, 11:25:00 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
आप पास रहते हो मेरे, या दूर हो मुझसे, पर क्या फर्क पङता है, सांई , आप दिल में मेरे हर दम है, जब से देखा है आप को सांई, आँखों में मेरी सुरूर सा रहता है । कोई भाता नहीं मुझको, यूँ लगता सब झूठा नाता है । तेरी सच्चाई के आगे सांई, बाकी सब झूठ नज़र आता है । आप पास नहीं हो मेरे फिर भी, हर पल क्यों इतना प्यार आता है~~~
जय सांई राम!!!
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Tana
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« Reply #43 on: January 18, 2009, 02:22:50 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
भगवन बङा खिलाङी तू, जान के अंजान बनता तू, जब मैं आना चाहती तुझ तक, कही भी फसा देता तू, कभी रिश्ते कभी बच्चों में, फिर ममता में डाल देता तू, दूर बैठा सब देखे तमाशा, कितना मज़ा है लेता तू, तू कहता तू हर पल साथ है, फिर कैसे रोते देखता तू, जब मैं छटपटाती तो सामने क्यों नहीं आता है, तभी तो कहती हूँ तू बङा खिलाङी, क्या क्या नाच नचवाता है~~~
आ जाओं सांई आ जाओं प्रेम सुधा बरसा जाओं~~~
जय सांई राम!!!
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Manav
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अल्लाह मालिक....
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« Reply #44 on: January 20, 2009, 12:33:57 AM » |
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Dukh-dard bhari zindagi, Kaise kare bandagi. Bas teri aas hai, Khushi tere paas hai. Shirdi Baba raham kar, Mujh par karam kar. Raasta mujhe dikha, Apni shakti se barha. Ab nahi waqt hai, Parishthitiya sakht hai. Mere saath-saath chal, Mujhe de shakti–bal. Tere dwar aavunga, Geet tere gaavunga. Bachi jo zindagi, Tujh par lutaavunga. Hai mujhe bahut garv. Tere kadmo me swarg. Sir mai jhukavunga, Teri daulat paavunga...
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Sukhmani
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« Reply #45 on: January 20, 2009, 09:01:01 AM » |
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तुम मुझको पहचान न पाए मैं राधा हूं, मैं सीता हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं मुक्ता हूं, मैं मीरा हूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं झांसी हूं, मैं शक्ति हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं देवी हूं, मैं भक्ति हूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं माता हूं, मैं बीवी हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं बहना हूं, मैं बेटी हूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मेरी कोख से, तुम जनमे हो, तुम मुझको पहचान न पाए, मेरे प्यार से, तुम महके हो, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं सुंदरता, की सूरत हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं ममता की, इक मूरत हूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं चाहूं तो, तुझे बना दूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं चाहूं तो, तुझे मिटा दूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं चाहूं तो, घर सुंदर है, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं चाहूं तो, घर मंदिर है, तुम मुझको पहचान न पाए. मुझसे ही ये, जग उन्नत है, तुम मुझको पहचान न पाए, मुझसे ही ये, जग जन्नत है, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं रहमत हूं, मैं उल्फत हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं कुदरत की, इक नेहमत हूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मुझको रिशियों, ने पूजा है, तुम मुझको पहचान न पाए, मुझको मुनियों, ने पूजा है, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं ही प्रभुका, आधा अंग हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं तो प्रभुके, सदा संग हूं, तुम मुझको पहचान न पाए.
अशोक कुमार वशिष्ठ
मैं तुम्हारे मन मंदिर में ,मै ही द्वारकामाई में , तुम मुझको पहचान न पाए, मैं ही श्रध्दा में,मैं ही सबूरी में, तुम मुझको पहचान न पाए, हर पल ही तो संग हूँ तेरे ,फिर भी तुम मुझको क्यूं पहचान न पाए???
SAI RAM
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 "We have to reap now the fruits of what we sow in our past lives, and there is no use in crying "-Sri Saibaba
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Tana
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« Reply #46 on: January 24, 2009, 03:14:09 PM » |
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 |  | Quote: |  |  | Sent by Sukhmani on January 20, 2009, 09:01:01 AM |  | |  | | तुम मुझको पहचान न पाए मैं राधा हूं, मैं सीता हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं मुक्ता हूं, मैं मीरा हूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं झांसी हूं, मैं शक्ति हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं देवी हूं, मैं भक्ति हूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं माता हूं, मैं बीवी हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं बहना हूं, मैं बेटी हूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मेरी कोख से, तुम जनमे हो, तुम मुझको पहचान न पाए, मेरे प्यार से, तुम महके हो, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं सुंदरता, की सूरत हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं ममता की, इक मूरत हूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं चाहूं तो, तुझे बना दूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं चाहूं तो, तुझे मिटा दूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं चाहूं तो, घर सुंदर है, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं चाहूं तो, घर मंदिर है, तुम मुझको पहचान न पाए. मुझसे ही ये, जग उन्नत है, तुम मुझको पहचान न पाए, मुझसे ही ये, जग जन्नत है, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं रहमत हूं, मैं उल्फत हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं कुदरत की, इक नेहमत हूं, तुम मुझको पहचान न पाए. मुझको रिशियों, ने पूजा है, तुम मुझको पहचान न पाए, मुझको मुनियों, ने पूजा है, तुम मुझको पहचान न पाए. मैं ही प्रभुका, आधा अंग हूं, तुम मुझको पहचान न पाए, मैं तो प्रभुके, सदा संग हूं, तुम मुझको पहचान न पाए.
अशोक कुमार वशिष्ठ
मैं तुम्हारे मन मंदिर में ,मै ही द्वारकामाई में , तुम मुझको पहचान न पाए, मैं ही श्रध्दा में,मैं ही सबूरी में, तुम मुझको पहचान न पाए, हर पल ही तो संग हूँ तेरे ,फिर भी तुम मुझको क्यूं पहचान न पाए???
SAI RAM
| |  | |  | ॐ सांई राम!!!
मैं तुम्हारे मन मंदिर में ,मै ही द्वारकामाई में , तुम मुझको पहचान न पाए, मैं ही श्रध्दा में,मैं ही सबूरी में, तुम मुझको पहचान न पाए, हर पल ही तो संग हूँ तेरे ,फिर भी तुम मुझको क्यूं पहचान न पाए???
बहुत अच्छा लिखा है सुखमनी तुमने.. बाबा जल्दी ही तुम्हारी हर प्रार्थना सुनेगे और पूरी करेगें....
जय सांई राम!!!
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Tana
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« Reply #47 on: January 24, 2009, 03:14:46 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
हे मेरे सांई मेरे सर्वाधार मेरा जीवन मेरा प्यार, सब कुछ मेरा तुम हो सांई मैं हूँ बेटी तेरी सांई, हर पल तुझे बुलाती हूँ दिल का हाल सुनाती हूँ, सुखी रहूं या दुखी रहूं कोई फर्क नहीं पङता है, क्योंकि तूं ही मेरी ढ़ाल है तूं ही मेरी निडरता है, डरूँ किसी से कभी न मैं क्योंकि सांई मेरे साथ हैं, तूं ही मेरा सब कुछ हैं तूं मेरा आधार है!!!
जय सांई राम!!!
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Tana
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« Reply #48 on: February 06, 2009, 11:14:15 AM » |
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ॐ सांई राम!!!
आशा के दीप अब मैं जलाना चाहती हूँ, शब्द से मंदिर गूँजाना चाहता हूँ। सांई तेरे चरणों की धूल लेकर, मस्तक पर अपने लगाना चाहती हूँ।
अर्चना के पुष्प अर्पित कर तुम्हें, वन्दना के गीत गाना चाहती हूँ। ज्ञान का उद्गम तुम्हीं से है सांई वही बस एक बूँद पाना चाहती हूँ।।
मधुर वीणा के स्वरों झंकार में, गीत पुष्पों के सजाना चाहती हूँ । दो मुझे आशीष इतना नाम जपूँ, कि अब मैं स्वयं को भूल जाना चाहती हूँ।।
हैं निरर्थक चमकते जग के प्रलोभन, बस तुम्हारी भक्ति पाना चाहती हूँ। अब देदो सांई मुझे साधना की शक्ति, बस तुम्हारी ही अब शरण में आना चाहती हूँ~~~
जय सांई राम!!!
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« Reply #49 on: February 09, 2009, 06:16:34 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
आप पास रहते हो मेरे, या दूर हो मुझसे, पर क्या फर्क पङता है, सांई , आप दिल में मेरे हर दम है, जब से देखा है आप को सांई, आँखों में मेरी सुरूर सा रहता है । कोई भाता नहीं मुझको, यूँ लगता सब झूठा नाता है । तेरी सच्चाई के आगे सांई, बाकी सब झूठ नज़र आता है । आप पास नहीं हो मेरे फिर भी, हर पल क्यों इतना प्यार आता है~~~
जय सांई राम!!!
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« Reply #50 on: February 10, 2009, 06:20:12 PM » |
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ॐ सांई राम!!!
मैं सदके ओस अथरू दे जेङा तेरी याद विच वगे , धो देवे मेरे सारे ताप ते मेरी आत्मा निर्मल कर देवे ||
अथरू--- आंसू
जय सांई राम!!!
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Tana
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« Reply #51 on: February 16, 2009, 08:41:11 PM » |
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ॐ सांई राम~~~
रात मुझे इक सपना आया, सपने में कोई अपना आया, मेरे तन का चाम हटा कर ,मुझको मेरा अंदर दिखलाया, देख मुझे विश्वास ना आया, इतना कुछ मुझीमें समाया , इस साफ चमङी के नीचे, इतना कूङा करकट समाया, जब यह कूङा साफ किया तो, एक नन्ही किरण ने मुझे चौंकाया, इतनी सारी परतों के नीचे, ये कैसा चमत्कार था छाया, मेरे अंदर सांई था बैठा, मुझे ही नज़र ना आया, कहाँ कहाँ ढूंढा मैने, बस अपने ही अंदर ना झांका, पश्चाताप से भर गई मैं, मैने यूँ ही समय गवाया, सारी जगह ढूंढा जिसे मैने, वो था मुझमें ही समाया~~~
जय सांई राम~~~
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Tana
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« Reply #52 on: February 18, 2009, 10:54:33 AM » |
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ॐ सांई राम~~~
शुक्रियां,इनायत,कर्म,मेहरबानी, दी मुझे जो नई ज़िन्दगानी, मैं भी इंसान हूँ ये बताया मुझको, मुझमें भी भगवान है ये समझाया मुझको!!
मुझमें दिल धङकता है मुझे भूल सा गया था, क्योंकि एक भारी बोझ तले दबा था, मुझमें भी प्यार भरा है एहसास करवाया मुझको, जीने का नया रास्ता दिखाया मुझको!!
परमेश्वर कैसा है नहीं जानती हूँ मैं, पर सांई, जरूर तेरे जैसा होगा ये मानती हूँ मैं!!!
जय सांई राम~~~
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Sukhmani
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« Reply #53 on: February 19, 2009, 05:53:33 PM » |
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Baba har naye din ki umeed hai...
Baba pehli baarish ki boondon mein hai..
Baba khilte phoolon ki khushboo mein hai..
Baba dhalte sooraj ki kirano mein hai..
Baba har naye din ki umeed hai..
Baba khwaab hai,baba jeet hai..
Baba pyaar hai,baba geet hai..
Baba do jahano ka sangeet hai..
Baba har khushi,baba zindagi..
Baba hai roshni, Baba bandagi..
Baba sang chalty hawaon mein hai..
Baba in barasti ghataon mein hai..
Baba doston ki wafaon mein hai..
haath uttha kay jo maangi gayi hai dua..
Baba ka asar in duaon mein hai....!!!
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« Last Edit: February 19, 2009, 05:55:38 PM by Sukhmani »
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Tana
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« Reply #54 on: February 20, 2009, 10:26:27 AM » |
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ॐ सांई राम~~~
मैने कहां बाबा से~~ पल भर के लिये ही सही आप मेरे सामने आ जाओ~~~
बस~~~
पल भर का साथ कुछ ऐसा हो~~ कि हर पल के लिये बस आप मेरे ही हो जाओ~~~
जय सांई राम~~~
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Sukhmani
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« Reply #55 on: February 21, 2009, 09:14:12 AM » |
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हम सब बंधे हुए है एक न दिखाई देने वाले छोर से
हम महसूस करते है,मानते है आत्मा में "सांई का" निवास है
सुख हो या दुख मन में कोलाहल हो या शांति
सदा हमारे संग चले राह दिखाए भटके गर हम आपने निर्मल व्यवहार से
करुणा "सांई की" अगाध है सेवा भाव गर निस्वार्थ है
"सांई की " भक्ति में हो जायें विभोर बधा रहे हमारा बंधन उनसे जब तक है जीवन की रेशम डोर -By Mehek
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Tana
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« Reply #56 on: February 23, 2009, 01:21:01 PM » |
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ॐ सांई राम~~~
खाली झोली खाली हाथ , कुछ नहीं है मेरे पास , आँखो में कुछ आँसू लिए , मैं तेरे द्वारे आई हूँ , अर्पण करने को तुझे , मैं कुछ भी तो नहीं लाई हूँ , तन में कोई जोर नहीं , पर मन में प्यास जगी है , इन सूनी आँखों में दर्शन की प्यास जगी है , इक बार तू आ जा इक झलक दिखा , इस प्यासे मन की प्यास बुझा !!!
जय सांई राम~~~
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Sukhmani
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« Reply #57 on: February 28, 2009, 09:37:29 AM » |
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ना श्रद्धा थी , ना सम्मोहन ना अनुयायी किसी धर्म का फिर भी मेरे जैसा नास्तिक बावा ! तेरे द्वारे आया ! मुझे नहीं मालुम क्यों, कैसे आज चढावा लेने आया !
पूजा करना मुझे न आए मुख्य पुजारी मुझे टोकते अगर क्षमा अपराधों की हो तो मैं भी, कुछ लेने आया आज किसी की रक्षा करने का वर तुमसे लेने आया !
कष्टों की परवाह नहीं है अपने लिए नहीं कुछ मांगूं पर बावा उसकी रक्षा कर जिसने तेरा दर दिखलाया आज ,किसी की जान बचाने तेरी ज्योति जलाने आया !
कई बार सपनों में आकर तुमने मुझको दुलराया है बार - बार संदेश भेजकर तुमने मुझको बुलवाया है आज किसी की रक्षा करने, मैं शरणागत बनकर आया !
कितने कष्ट सहे जीवन में तुमसे कभी न मिलने आया कितनी बार जला अग्नि में अपना मस्तक नही झुकाया आज भक्त की रक्षा करने, साईं तुझे मनाने आया ! --सतीश सक्सेना
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« Reply #58 on: March 06, 2009, 01:22:26 PM » |
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ॐ सांई राम~~~
सच है क्या और झूठ है क्या, ये मैं कुछ भी नहीं जानती, मेरे कर्म है क्या , और अकर्म है क्या मैं कुछ भी नहीं पहचानती, पाप है क्या और पुन्य है क्या मैं ये भी नहीं जानती जो दिल कहता वो मैं करती बस दिल का कहाँ मैं मानती कल क्या होगा किसने दिखा जो बीत गया वो बिसरा लेखा आज है जो वही सच है बस इसी को सच मैं मानती तूने सच दिखलाया मुझको मैं कुछ नहीं थी जानती यही कारण है ओ मेरे सांई जो तुझे ही अपन सर्वाधार मैं मानती~~~
जय सांई राम~~~
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« Reply #59 on: March 06, 2009, 01:29:08 PM » |
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ॐ साईं राम~~~
लोग कहेगें पागल हूँ मैं तो हो गई हूँ दीवानी पर मेरे दिल की प्यास किसी ने न जानी लोग क्या जाने दीदार की तङप जिसे हो वही जाने ये दर्द हर किसी में तुझे ढूढ़ती फिरूं तेरी एक झलक को तरसती फिरूं साईं,एक कर्म कीजिए,रोज़ का झंझट खत्म कीजिए मेरे नैनों में बस जाइऐ,या फिर मुझे खाक बना दीजिए अपने चरणों के नीचे बिछा लीजिए,इस जीने से अलग कीजिए यह तङप अब सही न जाए,कीजिए दया अब ये दर्द बढता ही जाए~~~
जय साईं राम~~~
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