Tana
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« on: October 21, 2008, 03:10:00 AM » |
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ॐ साईं राम~~~
जैसे बच्चा अपने टूटे खिलौने लाता है, आँखो में आँसू लिए,माता-पिता के पास! वैसे ही हम अपने टूटे सपने लाते है बाबा के पास, क्योंकि साईं, मेरे करूणामयी साईं पूरी करते है सब की आस!!
फिर शांति से उन्हें काम करने देने की बजाय हम बार-बार उन्हें टोकते है, अपने ढ़ग से उन्हें मदद की गुहार लगाते है, ऐसा होता तो अच्छा रहता, ये हो जाता तो और अच्छा हो जाता, वो नहीं किया....ऐसा कर दो न बाबा.....
जब फिर पूरे न होते सपने, फिर यूँ लगता अब बाबा न रहे अपने, फिर लगाने लगते शिकायतों की फेरी, दूसरों की व्यथा सुनते हो और मेरी बारी क्यों इतनी देरी??
फिर मेरे साईं मेरे बाबा बोले कुछ यूँ रो कर-- "ओ मेरे प्यारे बच्चों ,मैं क्या करता? मैं क्या कर सकता था? तुमने कभी पूर्ण विश्वास किया ही नहीं, तुमने कभी पूरी तरह छोङा ही नहीं मुझ पर ".....
जय साईं राम~~~
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saipreet
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||बाबा मेरे जादूगर-उनके केवल दो ही मंत्र||
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« Reply #1 on: October 21, 2008, 03:44:00 AM » |
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 |  | Quote: |  |  | Sent by Tana on October 21, 2008, 03:10:00 AM |  | |  | | ॐ साईं राम~~~
जैसे बच्चा अपने टूटे खिलौने लाता है, आँखो में आँसू लिए,माता-पिता के पास! वैसे ही हम अपने टूटे सपने लाते है बाबा के पास, क्योंकि साईं, मेरे करूणामयी साईं पूरी करते है सब की आस!!
फिर शांति से उन्हें काम करने देने की बजाय हम बार-बार उन्हें टोकते है, अपने ढ़ग से उन्हें मदद की गुहार लगाते है, ऐसा होता तो अच्छा रहता, ये हो जाता तो और अच्छा हो जाता, वो नहीं किया....ऐसा कर दो न बाबा.....
जब फिर पूरे न होते सपने, फिर यूँ लगता अब बाबा न रहे अपने, फिर लगाने लगते शिकायतों की फेरी, दूसरों की व्यथा सुनते हो और मेरी बारी क्यों इतनी देरी??
फिर मेरे साईं मेरे बाबा बोले कुछ यूँ रो कर-- "ओ मेरे प्यारे बच्चों ,मैं क्या करता? मैं क्या कर सकता था? तुमने कभी पूर्ण विश्वास किया ही नहीं, तुमने कभी पूरी तरह छोङा ही नहीं मुझ पर ".....
जय साईं राम~~~ | |  | |  | SAI SAI SAI SAI SAI SAI SAI SAI SAI i can very well feel the same feeling. if one doesn't completely surrender to BABA, HE also wont be able to help. thus, mere surrendering is not enough, complete surrender is of utmost importance. SAI SAI SAI SAI SAI SAI SAI SAI SAI
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« Reply #2 on: October 22, 2008, 06:15:00 AM » |
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ॐ सांई राम~~~
श्री राम के फकीरी भेष की पहचान है तूं~ इसाई भी तेरे चरणों में झुकते है~~ गुरू-नानक की आन है तूं~ अल्लाह पाक की शानों-शौकत वाले~~ "ऐ फकीर बादशाह" हम सब का सांई भगवान है तूं~~~
जय सांई राम~~~
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« Reply #3 on: October 22, 2008, 06:21:00 AM » |
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ॐ सांई राम~~~
बात है ये एक चेहरे की, एक चेहरा ऐसा जिसे मैं जानती हूँ। एक चेहरा ऐसा जो, बहुत सुंदर है। एक चेहरा ऐसा जो, रात में भी उजाला देता है। एक चेहरा ऐसा जो, जो मेरी प्रेरणा है। ज़िंदगी की राहों में जो मुझे रास्ता देता है। एक चेहरा ऐसा जो, मुझे जानता है, मेरे न बोलने पर मेरे भाव पहचानता है। एक चेहरा ऐसा जो, मुझे रोशनी देता है। मेरी ज़िंदगी की राहों में, उजाला भर देता है। एक चेहरा ऐसा जो, जो मेरे दुःख बांटता है। मेरी ज़िंदगी के सुख-दुःख को खूब पहनाता है। एक चेहरा है ऐसा, जिससे मुझे प्यार है। दुनिया से अलग मेरा और उसका संसार है। एक चेहरा ऐसा, जो मेरी पहचान है, मैं खुश नसीब हूँ क्योंकि चेहरे पे मुझे मान है।
क्योंकि ये चेहरा और किसी का नहीं अपने बाबा का है~~~
जय सांई राम~~~
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« Reply #4 on: October 23, 2008, 07:36:00 AM » |
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ॐ सांई राम~~~
सांई दर आप का बरकतों का भण्डार है,
तुझे तो सांई सभी से प्यार है,
तेरी बेटी प्यासी है तेरे इस प्यार की,
तेरे दुलार की,तेरे दीदार की,
इस दर से कोई गया न निराश है,
मेरे दिल में भी इक आस है,
कैसी भी हूँ सांई मुझे अपनाओंगे तुम,
मुझे हिए से लगाओगे तुम,
ये दिल में आज ठाना है मैने,
तुझे देखे बिना नहीं जाना है मैने,
झोली भर के ही जाऊंगी
मैं,जिद्द ये मेरी है तुम्हे आना पङेगा,
मुझे हिए से लगाना पङेगा,
पापी हूँ,पतित हूँ ,
कुटिल हूँ चाहे,पर बेटी हूँ तेरी ये मानना पङेगा,
पुकार ये आज तुझे सुननी पङेगी,
नहीं तो बेटी तुझसे लङ पङेगी,
तूं मान या न मान,तुझे प्यार है मुझसे,
मैने जो पुकारा तुझे आना पङेगा,
आकर मुझे हिए से लगाना ही पङेगा~~~
जय सांई राम~~~
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« Reply #5 on: October 28, 2008, 12:00:00 AM » |
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ॐ साईं राम~~~
हाय वे रब्बा किनी दूर वे तेरे डेरे पौङिया चढ़ चढ़ के मैं थक गई, चौरासी लख पौङिया चढ़ के हुन ते रब्बा में वी अक गई, ए आखिरी पौङी मेरी ए फिसलन भरी घनेरी ए सामने तेरा डेरा ए,पर अगे घोर अंधेरा ए, सामने आन नू दौङना चांवा पर डिगन खनों डर जांवा पौङिया चढ़ चढ़ औखी होई आखिरी पौङी ते हिम्मत खोई, हुन फङ लै हथ ते खिच लै उत्ते कर कृपा हुन अपनी दासी ते, देखी जे पैर फिसल गया मेरा ते थल्ले जा पवांगी,फिर दुबारा कीवें आवांगी कर कृपा अंधेरा हटा,अपने चरणा विच लगा!!!
जय सांई राम~~~
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« Reply #6 on: October 28, 2008, 12:07:00 AM » |
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ॐ सांई राम~~~
जहाँ जहाँ सांई का स्थल है, वहाँ वहाँ मैं जाऊँ, सांई का सतसंग मैं करूँ, सब को भजन सुनाऊं, सांई राम जय जय सांई राम, रोम रोम में सांई बसाऊं, अंग अंग में सांई नाम, सभी भक्तों के मन से, मिट जाए सब तृष्णा, सब चाहे और मैं भी चाहूं, जीवन सफल बनाऊं~~~
जय सांई राम~~~
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« Reply #7 on: October 28, 2008, 12:09:00 AM » |
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ॐ सांई राम~~~
मैं दिशा तो विस्तार है आप, मैं नाम तो पहचान है आप, आप का हाथ पकङ कर सीखा है चलना, सदा चाहा है आप की बताई राह पर चलना, सदा रखना हमारे सिर पर हाथ अपना क्योंकि, मैं तो सिर्फ मिट्टी का ढेला,कुम्हार है आप~~
मैं घटा तो बरसात है आप, मैं नदी तो सागर है आप, आपने बताया है दूसरों के लिए जीना, आप के ही पदचिहनों पर चल कर मंज़िल को है पाया, सदा रखना हमें अपनी छाया में क्योंकि, मैं तो सिर्फ प्यासा पंक्षी,अमृत का दरिया है आप~~~
मैं किरण तो सूर्य है आप, मैं सीप तो मोती है आप, आप ने सिखाया है गम में भी मुस्कराना, आप ने सिखाया है दुनिया में काबिल बनना, कभी न होना नाराज़ हमसे क्योंकि, मैं तो सिर्फ छोटा-सा पौधा, माली है आप~~~
जय सांई राम~~~
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« Reply #8 on: October 29, 2008, 10:08:00 PM » |
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ॐ साईं राम~~~
बाबा से बस हर पल दुआ~~~
हे साईं इक करिश्मा दिखा दे सब के दिलों में प्यार बसा दे, नफरत का नामों निशा मिटा दे! कोई किसी का दिल न दुखाएं कोई किसी को न सताएं हर कोई किसी के काम आए न कोई रोए न तिलमिलाए सिर्फ प्यार ही प्यार दिखाए आँखों में न आँसू आए केवल चहरे खिलखिलाएं हे साईं ऐसा करिश्मा दिखा दे सदा के लिए न सही,बस इक दिन के लिए ही दिखा दे!!!
जय साईं राम~~~
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« Reply #9 on: October 31, 2008, 04:39:00 AM » |
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ॐ सांई राम~~~
सांई , जब मैं देखू आप के हाथ, लंबी उगलियां प्यारे हाथ, इन हाथों में कैसी बरकत , जब सिर पर आ जाए इक बार , भर जाता उस का भंडार , धन का भडारं तो सब भर देते, ये भरते मन का भंडार , इन हाथों का अजब करिश्मा , मैं जो महसूस करती हर बार , जब ये मुझको छू जाते , आँखों में भर जाता नीर , रूह तक काँप उठती मेरी , बस में नहीं रहता मेरा शरीर , यूँ लगता सब कुछ मिल गया , मिट जाती मन की हर पीर ~~~
जय सांई राम~~~
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« Reply #10 on: November 01, 2008, 12:59:00 AM » |
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ॐ सांई राम~~~
रात मुझे इक सपना आया, सपने में कोई अपना आया, मेरे तन का चाम हटा कर ,मुझको मेरा अंदर दिखलाया, देख मुझे विश्वास ना आया, इतना कुछ मुझीमें समाया , इस साफ चमङी के नीचे, इतना कूङा करकट समाया, जब यह कूङा साफ किया तो, एक नन्ही किरण ने मुझे चौंकाया, इतनी सारी परतों के नीचे, ये कैसा चमत्कार था छाया, मेरे अंदर सांई था बैठा, मुझे ही नज़र ना आया, कहाँ कहाँ ढूंढा मैने, बस अपने ही अंदर ना झांका, पश्ताप से भर गई मैं, मैने यूँ ही समय गवाया, सारी जगह ढूंढा जिसे मैने, वो था मुझमें ही समाया~~~
जय सांई राम~~~
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« Reply #11 on: November 02, 2008, 06:19:00 AM » |
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ॐ सांई राम~~~
फूल भरे है दामन दामन, लेकिन वीरान गुलशन गुलशन~ अक्ल की बातें करने वाले, क्या समझेगे दिल की धड़कन~ कौन किसी के दुःख का साथी, आपने आसू अपना दामन~ सांई,तेरा दामन छोडू कैसे, मेरी दुनिया तो बस तेरा दामन~~~
जय सांई राम~~~
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« Reply #12 on: November 05, 2008, 07:44:00 PM » |
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ॐ साईं राम~~~
हे साईं तुझे पकड़ना होगा मेरा हाथ तुझे देना होगा हर पल मेरा साथ तेरे सिवा नहीं चाहती मैं किसी का भी साथ क्योंकि बाकी दुनिया क्या करनी,जब तूं है मेरे साथ! बाबा मैं कैसी भी हूँ,पर हूँ तो तेरी डास आप का हाथ रहे सिर पर एक यही मेरी अरदास दुनिया के नज़ारे देख देख कर मैं तो हुई उदास आँखों में रहती है हर पल तेरी झलक ही प्यास, जब चाँहू मैं दर्शन पाना,दिल में आती ये बात क्या मैं हूँ एस लायक,जो हो पूरी ये मेरी आस, पर फिर बाबा ये भी तो है कि बच्चा हो कितना मैला पर जब चाहे वो गोद में आना माँ कभी नहीं करती निराश, बस यही सोच मैं खुश हो जाऊं,बंध जाती फिर आस कि बाबा आप रखेगी मेरे सिर पर हाथ बुझे गी मेरी भी दर्शन की प्यास~~~
जय साईं राम~~~
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« Reply #13 on: November 07, 2008, 06:14:00 AM » |
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ॐ साईं राम~~~
मेरा साईं है हम सब का सहारा, साईं का यह एहसास बङा ही प्यारा!!!
जब से साथ मिला साईं का~~~
गीत न भावे,कोई राग न भावे मोहे, केवल साईं को सुनने की चाह~~ आँखे न मेरी चाहे कोई रंगीनियाँ देखना, सिर्फ साईं को देखने की चाह~~ किसी के संग चलना ना चाहू मैं, सिर्फ साईं के संग अब चलने की चाह~~ किसी से बात करना न चाहू मैं, सिर्फ साईं संग बात करने की चाह~~ किसी संग हंसना न रोना चाहू मैं, सिर्फ साईं संग हंसने-रोने की चाह~~
बस, अब कुछ और नहीं चाह, बस, अब तो सिर्फ साईं संग हाथ पकङ कर चलने की चाह~~ साईं को खुद में समां लेने की चाह~~ साईं की भक्ति में डूब जाने की चाह~~~
साईं~~~~~
जय साईं राम~~~
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« Reply #14 on: November 09, 2008, 07:13:00 AM » |
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ॐ सांई राम~~~
चाहत हो तेरे दीदार की बस, कोई और मुझे अब चाह न हो, कुछ ऐसा करिश्मा कर दो सांई, मुझे अपनी भी परवाह न हो, भिखारिन हूँ तेरे दर की, सांई खाली हाथ न जाऊँगी, बैठी हूँ तेरे दर पे सांई, अब तो ले के कुछ उठूँगी, चाहे पत्थर बना ले अपने दर का, चरण धूली मैं पा लूँगी, चाहे फूल बना ले सांई मुझको, तेरे आँचल की सांई मैं हवा लूँगी, बनी रहे ये चाहत यही चाहती हूँ मैं, तेरे दर की भिखारिन बनना चाहती हूँ मैं~~~~
जय सांई राम~~~
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Rajiv uppal
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« Reply #15 on: November 14, 2008, 07:52:00 PM » |
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 |  | Quote: |  |  | Sent by Tana on November 05, 2008, 07:44:00 PM |  | |  | | ॐ साईं राम~~~
हे साईं तुझे पकड़ना होगा मेरा हाथ तुझे देना होगा हर पल मेरा साथ तेरे सिवा नहीं चाहती मैं किसी का भी साथ क्योंकि बाकी दुनिया क्या करनी,जब तूं है मेरे साथ! बाबा मैं कैसी भी हूँ,पर हूँ तो तेरी डास आप का हाथ रहे सिर पर एक यही मेरी अरदास दुनिया के नज़ारे देख देख कर मैं तो हुई उदास आँखों में रहती है हर पल तेरी झलक ही प्यास, जब चाँहू मैं दर्शन पाना,दिल में आती ये बात क्या मैं हूँ एस लायक,जो हो पूरी ये मेरी आस, पर फिर बाबा ये भी तो है कि बच्चा हो कितना मैला पर जब चाहे वो गोद में आना माँ कभी नहीं करती निराश, बस यही सोच मैं खुश हो जाऊं,बंध जाती फिर आस कि बाबा आप रखेगी मेरे सिर पर हाथ बुझे गी मेरी भी दर्शन की प्यास~~~
जय साईं राम~~~ | |  | |  |
हे साईं पकड कर मेरा हाथ, ले चल हरि के द्वार । तेरा तो वहां आना जाना, मेरा पहली बार ॥
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॥देई मला दर्शन, साई देई मला दर्शन । भावभक्तीने तुझ्या भेटीला आलो मी शरण॥ The most beautiful spot in the universe is SAI Where everything is Calm, Musical and Magical! Sai Baba Poems : http://sai-ka-aangan.blogspot.com
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Tana
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« Reply #16 on: November 15, 2008, 06:49:00 PM » |
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ॐ साँई राम!!!
अब और मुझसे सहा न जाए इक पल भी दूर रहा न जाए अब मुझे कुछ भी न भाए सांस लेना भी भारी लगे हर पल आप की याद सताएं आप ने क्या कर दिया मेरा कैसा हाल किया अब तो आँसू भी नहीं आते जब आते है तो रूक नहीं पाते आप की छवि आँखों में रहती दिल को मेरे कचोटती रहती बाहें फैलाए मुझे बुलाती पर मैं तो आ ही न पाते फिर उस पल मेरा दिल घबराए जी चाहे अभी उङ जाए पंछी बिन पर जैसे फङफङाए इसका वही हाल हो जाए ये आप तक आ न पाए बस यहीं पङा मायूस हो जाए अब और सही नहीं जाती ये सजाएं अब तो आप कृपा बरसाएं मुझको चरणों में अब बिठाएं~~~
जय साँई राम!!!
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saipreet
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||बाबा मेरे जादूगर-उनके केवल दो ही मंत्र||
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« Reply #17 on: November 15, 2008, 09:54:00 PM » |
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[ ॐ साईं ॐ श्री साईं नाथाय नमः ॐ साईं ॐ श्री साईं नाथाय नमः ॐ साईं ॐ श्री साईं नाथाय नमः ॐ साईं ॐ श्री साईं नाथाय नमः ॐ साईं ॐ श्री साईं नाथाय नमः ॐ साईं ॐ श्री साईं नाथाय नमः [/b]b]
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Saivaibhav
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« Reply #18 on: November 16, 2008, 06:24:00 AM » |
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ॐ साईं राम tana ji यह मेरी पहली कविता आपकी कविताओं के लिए
बाबा यहाँ बाबा वहाँ बाबा ही बाबा हर जगह baba here baba there baba ji everywhere
how is it? [/size][/font][/color]
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Saivaibhav
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« Reply #19 on: November 16, 2008, 06:36:00 AM » |
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ॐ साईं राम tana ji यह मेरी पहली कविता आपकी कविताओं के लिए
बाबा यहाँ बाबा वहाँ बाबा ही बाबा हर जगह baba here baba there baba ji everywhere;
चंदा ने पूछा तारों से तारों ने पूछा हजारों से इस दुनिया मैं सबसे प्यारा कौन?
बाबा मेरे बाबा बाबा हमारे बाबा !! [/size][/font][/color]
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