Tana
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« Reply #20 on: May 18, 2009, 05:32:54 PM » |
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Om Sai Ram!!!
सुर की गति मैं सुर की गति मैं क्या जानूँ ~~~
सुर की गति मैं सुर की गति मैं क्या जानूँ . एक भजन करना जानूँ .. अर्थ भजन का भी अति गहरा उस को भी मैं क्या जानूँ .. प्रभु प्रभु प्रभु कहना जानूँ नैना जल भरना जानूँ ..
गुण गाये प्रभु न्याय न छोड़े फिर तुम क्यों गुण गाते हो मैं बोला मैं प्रेम दीवाना इतनी बातें क्या जानूँ .. प्रभु प्रभु प्रभु कहना जानूँ नैना जल भरना जानूँ ..
फुल्वारी के फूल फूल के किस्के गुन नित गाते हैं . जब पूछा क्या कुछ पाते हो बोल उठे मैं क्या जानूँ .. प्रभु प्रभु प्रभु कहना जानूँ नैना जल भरना जानूँ ..
Jai Sai Ram!!!
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Tana
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« Reply #21 on: May 18, 2009, 05:34:45 PM » |
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Om Sai Ram!!!
हमको मनकी शक्ति
हमको मनकी शक्ति देना, मन विजय करें . दूसरोंकी जयसे पहले, खुदकी जय करें . हमको मनकी शक्ति देना ..
भेदभाव अपने दिलसे, साफ कर सकें . दूसरोंसे भूल हो तो, माफ कर सकें . झूठसे बचे रहें, सचका दम भरें .
दूसरोंकी जयसे पहले~
मुश्किलें पडें तो हमपे, इतना कर्म कर . साथ दें तो धर्मका, चलें तो धर्म पर . खुदपे हौसला रहे, सचका दम भरें .
दूसरोंकी जयसे पहले~
Jai Sai Ram!!!
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Sukhmani
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« Reply #22 on: May 26, 2009, 06:25:36 PM » |
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 |  | Quote: |  |  | Sent by Tana on May 18, 2009, 05:34:45 PM |  | |  | | Om Sai Ram!!!
हमको मनकी शक्ति
हमको मनकी शक्ति देना, मन विजय करें . दूसरोंकी जयसे पहले, खुदकी जय करें . हमको मनकी शक्ति देना ..
भेदभाव अपने दिलसे, साफ कर सकें . दूसरोंसे भूल हो तो, माफ कर सकें . झूठसे बचे रहें, सचका दम भरें .
दूसरोंकी जयसे पहले~
मुश्किलें पडें तो हमपे, इतना कर्म कर . साथ दें तो धर्मका, चलें तो धर्म पर . खुदपे हौसला रहे, सचका दम भरें .
दूसरोंकी जयसे पहले~
Jai Sai Ram!!! | |  | |  |
Humko man ki shakti dena Lyrics in English text
Hum ko man kee shakti denaa, man vijay kare dusaron ki jay se pahale, khud ko jay kare
Bhedabhaav apane dil se saaf kar sake doston se bhool ho to maaf kar sake joothh se bache rahe, sach kadam bhare dusaron kee jay se pahale, khud ko jay kare
Mushkile pade to hum pe itanaa karam kar saath de to dharama kaa, chale to dharama kar khud pe hausalaa rahe, badee se naa dare dusaron kee jay se pahale, khud ko jay kare
The meaning of the lyrics roughly translated in English
Oh God, Give our mind strength, Give victory to our minds Before we cheer the victory of others, make ourselves victorious. (spiritual meaning could be let us gain the victory over our mind)
Let our hearts be free from any kind of discrimination. Let our hearts and mind be always be ready for forgiveness. Let us be saved from the lies and untruth and let the truth prevail
If we find ourselves in Difficulties, please do this much, We don't forget the sacred and be with the sacred, Confidence on the self remains and we do not fear the evil.
JAI SAI RAM 
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 "We have to reap now the fruits of what we sow in our past lives, and there is no use in crying "-Sri Saibaba
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Tana
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« Reply #23 on: June 06, 2009, 05:11:03 PM » |
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Om Sai Ram!!!
उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो तू सोवत है जो जागत है सो पावत है, जो सोवत है वो खोवत है
खोल नींद से अँखियाँ जरा और अपने प्रभु से ध्यान लगा यह प्रीति करन की रीती नहीं प्रभु जागत है तू सोवत है....
उठ जाग मुसाफिर भोर भई~~~
जो कल करना है आज करले जो आज करना है अब करले जब चिडियों ने खेत चुग लिया फिर पछताये क्या होवत है...
उठ जाग मुसाफिर भोर भई~~~
नादान भुगत करनी अपनी ऐ पापी पाप में चैन कहाँ जब पाप की गठरी शीश धरी फिर शीश पकड़ क्यों रोवत है...
उठ जाग मुसाफिर भोर भई~~~
Jai Sai Ram!!!
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Tana
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« Reply #24 on: August 13, 2009, 05:10:17 PM » |
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Om Sai Ram!!!
जय कृष्ण हरे जय कृष्ण हरे श्री कृष्ण हरे . दुखियों के दुख दूर करे जय जय जय कृष्ण हरे ..
जब चारों तरफ़ अंधियारा हो आशा का दूर किनारा हो . जब कोई ना खेवन हारा हो तब तू ही बेड़ा पार करे . तू ही बेड़ा पार करे जय जय जय कृष्ण हरे ..
तू चाहे तो सब कुछ कर दे विष को भी अमृत कर दे . पूरण कर दे उसकी आशा जो भी तेरा ध्यान धरे . जो भी तेरा ध्यान धरे जय जय जय कृष्ण हरे ..
Jai Sai Ram!!!
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« Reply #25 on: August 13, 2009, 05:11:26 PM » |
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Om Sai Ram!!!
प्रबल प्रेम के पाले~~~
प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर प्रभु को नियम बदलते देखा . अपना मान भले टल जाये भक्त मान नहीं टलते देखा ..
जिसकी केवल कृपा दृष्टि से सकल विश्व को पलते देखा . उसको गोकुल में माखन पर सौ सौ बार मचलते देखा ..
जिस्के चरण कमल कमला के करतल से न निकलते देखा . उसको ब्रज की कुंज गलिन में कंटक पथ पर चलते देखा ..
जिसका ध्यान विरंचि शंभु सनकादिक से न सम्भलते देखा . उसको ग्वाल सखा मंडल में लेकर गेंद उछलते देखा ..
जिसकी वक्र भृकुटि के डर से सागर सप्त उछलते देखा . उसको माँ यशोदा के भय से अश्रु बिंदु दृग ढ़लते देखा ..
Jai Sai Ram!!!
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« Reply #26 on: August 17, 2009, 06:15:32 PM » |
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Om Sai Ram!!!

ओ कान्हा, अब तो मुरली की, मधुर सुना दो तान, ओ कान्हा, अब तो मुरली की, मधुर सुना दो तान, में हु तेरी, प्रेम दीवानी, मुझको तुम पहचान, मधुर सुना दो तान~~
ओ कान्हा, अब तोह मुरली की, मधुर सुना दो तान, जबसे तुम संग मैंने अपने, नैना जोड़ लिए है, क्या मैया क्या बाबुल सबसे, रिश्ते तोड़ लिए है. तेरे मिलन को, व्याकुल है ये, कबसे मेरे प्राण. मधुर सुना दो तान~~
ओ कान्हा, अब तो मुरली की, मधुर सुना दो तान, सागर से भी गहरी मेरे, प्रेम की गेहेराई, लोक, लाज, कुल की मरियादा, सज कर में तोह आयी. मेरी प्रीती से, ओ निर्मोही, अब न बनो अनजान, मधुर सुना दो तान~~
ओ कान्हा, अब तो मुरली की, मधुर सुना दो तान, में हु तेरी, प्रेम दीवानी, मुझको तुम पहचान, मधुर सुना दो तान, मधुर सुना दो तान, मधुर सुना दो तान~~~
Jai Sai Ram!!!
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« Reply #27 on: August 18, 2009, 07:19:43 PM » |
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Om Sai Ram!!!
हे आनंद उमंग भयो जय हो नन्द लाल की नन्द के आनंद भयो जय कनैया लाल की
हे ब्रज में आनंद भयो जय यशोदा लाल की नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो जय हो नन्द लाल की गोकुल के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की
जय यशोदा लाल की जय हो नन्द लाल की हाथी, घोड़ा, पालकी जय कन्हैया लाल की
जय हो नन्द लाल की जय यशोदा लाल की हाथी, घोड़ा, पालकी जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की
हे कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति लाल की हाथी, घोड़ा, पालकी जय कन्हैया लाल की
हे गौने चराने आये जय हो पशुपाल की नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की
आनंद से बोलो सब जय हो ब्रज लाल की हाथी, घोड़ा, पालकी जय कन्हैया लाल की
जय हो ब्रज लाल की पावन प्रतिपाल की हे नन्द के आनंद भयो जय हो नन्द लाल की
जय श्री कृष्ण Jai Shree Krishna
Jai Sai Ram!!!
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Tana
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« Reply #28 on: August 31, 2009, 07:28:56 PM » |
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Om Sai Ram!!!
मैं तो तेरी जोगन रे ; हे घनश्याम मेरे ! तेरे बिन कोई नहीं मेरा रे ; हे श्याम मेरे !! मैं तो तेरी जोगन रे ; हे घनश्याम मेरे !
तेरी बंसुरिया की तान बुलाये मोहे सब द्वारे छोड़कर चाहूं सिर्फ तोहे तू ही तो है सब कुछ रे , हे श्याम मेरे ! मैं तो तेरी जोगन रे ; हे घनश्याम मेरे !
मेरे नैनो में बस तेरी ही तो एक मूरत है सावंरा रंग लिए तेरी ही मोहनी सूरत है तू ही तो एक युगपुरुष रे ,हे श्याम मेरे ! मैं तो तेरी जोगन रे ; हे घनश्याम मेरे !
बावरी बन फिरू , मैं जग भर रे कृष्णा गिरधर नागर कहकर पुकारूँ तुझे कृष्णा कैसा जादू है तुने डाला रे , हे श्याम मेरे ! मैं तो तेरी जोगन रे ;हे घनश्याम मेरे !
प्रेम पथ ,ऐसा कठिन बनाया ; मेरे सजना पग पग जीवन दुखो से भरा ; मेरे सजना कैसे मैं तुझसे मिल पाऊं रे , हे श्याम मेरे ! मैं तो तेरी जोगन रे ; हे घनश्याम मेरे !
Jai Sai Ram!!!
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Gopal Krishan
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« Reply #29 on: November 17, 2009, 07:21:05 AM » |
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अजब हैरान हूं भगवन, तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं...
अजब हैरान हूं भगवन, तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं... कोई वस्तु नहीं ऐसी, जिसे सेवा में लाऊं मैं...
करूं किस तौर आवाहन, कि तुम मौजूद हो हर जां, निरादर है बुलाने को, अगर घंटी बजाऊं मैं... अजब हैरान हूं भगवन, तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं...
तुम्हीं हो मूर्ति में भी, तुम्हीं व्यापक हो फूलों में, भला भगवान पर भगवान को कैसे चढाऊं मैं... अजब हैरान हूं भगवन, तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं...
लगाना भोग कुछ तुमको, एक अपमान करना है, खिलाता है जो सब जग को, उसे कैसे खिलाऊं मैं... अजब हैरान हूं भगवन, तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं...
तुम्हारी ज्योति से रोशन हैं, सूरज, चांद और तारे, महा अंधेर है कैसे, तुम्हें दीपक दिखाऊं मैं... अजब हैरान हूं भगवन, तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं...
भुजाएं हैं, न सीना है, न गर्दन, है न पेशानी, कि हैं निर्लेप नारायण, कहां चंदन चढ़ाउं मैं... अजब हैरान हूं भगवन, तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं...
ॐ श्री साईं राम 
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सब का मालिक एक--सांईराम
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Tana
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« Reply #30 on: December 13, 2009, 11:40:12 AM » |
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Om Sai Ram!!!
साँचा नाम तेरा, हो, साँचा नाम तेरा, तू श्याम मेरा, साँचा नाम तेरा, तू श्याम मेरा, सगरा जगत है झूठा साथी, टूटे दीपक बुझ जाये बाती, हर रंग में तू संग में है, चाहे साँझ हो चाहे सवेरा, साँचा नाम तेरा, तू श्याम मेरा, साँचा नाम तेरा~~
मैं तुझ में खोई रे, दूजा न कोई रे, आ, जागी या सोई रे, तू एक अपना जीवन सपना, सगरा जगत है झूठा साथी, टूटे दीपक बुझ जाये बाती, मैं ने बिगाड़ा हर काम अपना, तूने सँवारा हर काम मेरा, साँचा नाम तेरा, तू श्याम मेरा, साँचा नाम तेरा~~
दुःख सुख की धारा, तू है किनारा, हूँ मनमोहन प्यारा, सब का खेवैया कृष्ण कंहैया, सगरा जगत है झूठा साथी, टूटे दीपक बुझ जाये बाती, आशा: तोड़ के ये मन मंदिर बना दूँ, हो मन के मंदिर में धाम तेरा साँचा नाम तेरा, तू श्याम मेरा, साँचा नाम तेरा~~
Jai Sai Ram!!!
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Tana
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« Reply #31 on: February 08, 2010, 06:56:27 PM » |
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Om Sai Ram!!!
अब कैसे छूटे राम, नाम रट लागी | प्रभुजी तुम चन्दन हम पानी, जाकी अंग अंग बास समानि | प्रभुजी तुम घन बन हम मोरा, जैसे चितवत चन्द चकोरा | प्रभुजी तुम दीपक हम बाती, जाकी जोति बरै दिन राती | प्रभुजी तुम मोती हम धागा, जैसे सोने मिलत सुहागा | प्रभुजी तुम स्वामी हम दासा, ऐसी भक्ति करै रैदासा |
Translation: How to escape? I recite the name Ram. Lord, if you are sandalwood, I am water; with the fragrance in all parts of my body. Lord, if you are a cloud, I am a peacock; looking for you like a chakora for the moon. Lord, if you are a lamp, I am the wick (bAti); with the light burning day and night. Lord, if you are a pearl, I am the thread; together like gold and suhaga. Lord, you are the master and I servant; thus is the devotion of Raidas.
Jai Sai Ram!!!
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Sukhmani
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« Reply #32 on: February 23, 2010, 02:15:30 PM » |
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Hari Naam Ka pyaala
हरी नाम का प्याला हरे कृष्ण की हाला ऐसी हाला पी पी करके, चला चले मतवाला राधा जैसी बाला और वृन्दावन का ग्वाला ऐसा ग्वाला मुरली मनोहर जपो कृष्ण की माला
हरी नाम का प्याला हरे कृष्ण ..........
हरे कृष्ण का जप हो और हरे कृष्ण की माला देव ज्योती से ह्रदय शुद्ध हो, नीकले मन की ज्वाला हरी नाम का प्याला हरे कृष्ण ..........
कृष्ण की धुन मैं तन हो, और हरे कृष्ण मैं मन हो ऐसे तन मन के मन्दिर मैं, कृष्ण डाले हाला हरी नाम का प्याला हरे कृष्ण ..........
हरेकृष्ण मैं बल हैं, कृष्ण जल और थल है ऐसे जल थल नभ से पी लो, नारायण की हाला हरी नाम का प्याला हरे कृष्ण ..........

JAI SAI NATH 
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Gopal Krishan
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« Reply #34 on: February 27, 2010, 07:50:20 AM » |
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छोड़ झमेला झूठे जग का
छोड़ झमेला झूठे जग का कह गये दास कबीर | पार लगायेंगे एक पल में तुलसी के रघुवीर ||
भूल भुलैयाँ जीवन तेरा साँचो नाम प्रभु को | मन में बसा ले आज तू बन्दे लेकर नाम गुरु को | सूरदास के श्याम हरेंगे जनम जनम की पीर ||
मेरा मेरा दिन भर करता पर तेरा कछु नाँहीं | माटी का ये खेल है सारा मिलेगा माटी माँहीं | मीराजी के गीत बुलायें सबको यमुना तीर ||
जय श्री सांई राम 
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Gopal Krishan
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« Reply #35 on: February 27, 2010, 07:52:31 AM » |
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दुख हरो द्वारिकानाथ
तुम कहाँ छुपे भगवान करो मत देरी | दुख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||
यही सुना है दीनबन्धु तुम सबका दुख हर लेते | जो निराश हैं उनकी झोली आशा से भर देते || अगर सुदामा होता मैं तो दौड़ द्वारका आता | पाँव आँसुओं से धो कर मैं मन की आग बुझाता || तुम बनो नहीं अनजान, सुनो भगवान, करो मत देरी | दुख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||
जो भी शरण तुम्हारी आता, उसको धीर बंधाते | नहीं डूबने देते दाता, नैया पार लगाते || तुम न सुनोगे तो किसको मैं अपनी व्यथा सुनाऊँ | द्वार तुम्हारा छोड़ के भगवन और कहाँ मैं जाऊँ || प्रभु कब से रहा पुकार, मैं तेरे द्वार, करो मत देरी | दुख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||
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